School College Holiday: स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जैसे ही सर्दियों का मौसम शुरू होता है, बच्चों और उनके माता-पिता के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि स्कूल और कॉलेज कब बंद होंगे। ठंड बढ़ने के साथ-साथ कोहरा, शीतलहर और गिरता तापमान छोटे बच्चों के लिए बहुत मुश्किल बना देता है।
सुबह जल्दी उठकर स्कूल जाना उनके लिए भारी पड़ सकता है। इसी वजह से हर साल सर्दियों में स्कूल-कॉलेज की छुट्टियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो जाती हैं और लोग हर अपडेट का इंतजार करने लगते हैं।
स्कूल-कॉलेज की छुट्टियां
भारत के कई हिस्सों में दिसंबर के आखिरी हफ्ते से जनवरी की शुरुआत तक ठंड अपने चरम पर होती है। उत्तर भारत में तापमान कई बार 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है। इतनी ठंड और घना कोहरा बच्चों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है।
इसलिए जिला प्रशासन और राज्य सरकारें बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला लेती हैं। ये छुट्टियां सिर्फ मज़े के लिए नहीं बल्कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए जरूरी होती हैं।
सर्दी का ज्यादा असर
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सर्दियों का असर सबसे ज्यादा देखा जाता है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ही इन इलाकों में ठंड तेज हो जाती है और कई जगह सुबह-सुबह विजिबिलिटी बेहद कम हो जाती है। इससे स्कूल बसों का चलना मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर इन इलाकों में 15 से 20 दिन तक की छुट्टियां दी जाती हैं और इस बार भी कुछ ऐसा ही होने की संभावना है।
कब से कब छुट्टियां
पिछले वर्षों के अनुभव से देखा गया है कि उत्तर भारत में स्कूल-कॉलेज दिसंबर के अंतिम हफ्ते से जनवरी के मध्य तक बंद रहते हैं। अक्सर प्राथमिक कक्षाओं को पहले बंद किया जाता है और बड़े क्लास के लिए बाद में फैसला लिया जाता है। इस बार भी संभावना है कि छुट्टियां दिसंबर के अंतिम सप्ताह से जनवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक जारी रहें।
छुट्टियों की स्थिति अलग
दक्षिण भारत के राज्यों जैसे कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सर्दी उतनी ज्यादा नहीं होती। यहां मौसम सामान्य रहता है और इसलिए स्कूल-कॉलेज में लंबी छुट्टियों की संभावना कम रहती है। अगर मौसम अचानक बदलता है तो कभी-कभी दो से चार दिन की छुट्टी दी जा सकती है, लेकिन उत्तर भारत जैसी लंबी छुट्टियों की संभावना बहुत कम है।
राज्यों का हाल
दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर तेजी से बढ़ रहा है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग लगातार मौसम पर नजर रखे हुए हैं। जैसे ही तापमान गिरता है, सबसे पहले नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के स्कूल बंद किए जा सकते हैं। इसके बाद स्थिति के हिसाब से बाकी कक्षाओं के लिए भी निर्णय लिया जाता है।
विंटर ब्रेक का अपडेट
केंद्रीय विद्यालयों में हर साल एक तय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार विंटर ब्रेक दिया जाता है। आमतौर पर यह ब्रेक दिसंबर के अंत से जनवरी की शुरुआत तक रहता है। हालांकि अगर किसी क्षेत्र में मौसम अचानक और ज्यादा ठंडा हो जाता है, तो स्कूल प्रबंधन अतिरिक्त छुट्टियां भी दे सकता है।
क्या सावधानी रखनी चाहिए
माता-पिता और छात्रों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर भरोसा न करें। स्कूल-कॉलेज की छुट्टियों से जुड़ी सही जानकारी हमेशा जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग या अपने स्कूल की आधिकारिक सूचना से ही लें। बच्चों की सुरक्षा और सेहत सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए सरकार समय पर निर्णय लेती है।
सबसे जरूरी
कुल मिलाकर सर्दियों की छुट्टियों का मकसद बच्चों की सेहत और सुरक्षा है। उत्तर भारत में इस बार भी अच्छी-खासी ठंड पड़ने की संभावना है, इसलिए स्कूल-कॉलेज की छुट्टियां मिलने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम फैसला मौसम की स्थिति और प्रशासन के आदेश पर ही निर्भर करेगा।
Disclaimer
यह लेख सामान्य मौसम पैटर्न, मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले वर्षों की जानकारी पर आधारित है। स्कूल और कॉलेज की अंतिम छुट्टियों की तारीख और अवधि केवल राज्य सरकार, जिला प्रशासन या संबंधित स्कूल प्रबंधन की आधिकारिक घोषणा के अनुसार ही मान्य होगी। सभी माता-पिता और छात्रों को सलाह दी जाती है कि केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।